प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विस्तार से आर्थिक पैकेज के बारे में देश को बताया। पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज को ‘आत्मनिर्भर भारत’ पैकेज नाम दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें हर एक वर्ग का हिस्सा है। अब एक आदमी को ऐलान से क्या फायदा होने वाला है, ये आपको बताते हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उसें से 5.94 लाख करोड़ रुपए बांटे जाने का हिसाब-किताब दिया। सैलरी वालों (benefit to salaried person) के फायदे की कई बातें हुई हैं।




1:- तीन महीने तक ज्यादा आएगी सैलरी
सबसे अहम घोषणा तो ये है कि अब 3 महीनों तक पीएफ 12 फीसदी के बजाय 10 फीसदी ही कटेगा। इसकी वजह से इंप्लॉई को पहले जो 12 फीसदी का कॉन्ट्रिब्यूशन करना होता था, अब वह 10 फीसदी होगा। यानी हर महीने आपकी सैलरी में 2 फीसदी अधिक रकम आएगी। अगर किसी की इन हैंड सैलरी 50 हजार रुपये है तो वह 2 फीसदी बढ़कर 51 हजार रुपये हो जाएगी। यानी 3 महीनों तक हर महीने 1 हजार अतिरिक्त आएंगे।




2 :- ज्यादा सैलरी की वजह से पीएफ खाते पर दोहरा असर
पीएफ की दर घटने के बेशक कोरोना के इस दौर में आपकी जेब में अधिक पैसे आ जाएंगे, लेकिन इसका सीधा असर आपके पीएफ अकाउंट पर होगा। पीएफ में पैसे जमा करना जरूरी होता है और उसे निकालने के लिए भी बहुत सारी शर्तें पूरी करनी होती हैं। यहां तक कि इस पर ब्याज भी बहुत अधिक मिलता है। ऐसे में पीएफ यानी प्रोविडेंट फंड को सबसे सुरक्षित और अच्छा माना जाता है। लेकिन पीएफ की दर कम होने से इस खाते में अब 3 महीने तक कम कॉन्ट्रिब्यूशन होगा। यानी अभी तो आपको अधिक पैसे मिल जाएंगे, लेकिन पीएफ के जरिए आपको जो फायदा भविष्य में मिलने वाला था, वह थोड़ा कम हो जाएगा। अगर आपकी सैलरी 50 हजार है तो हर महीने आपके हाथ में 1 हजार रुपये अधिक आएंगे, लेकिन पीएफ खाते में इसकी दोगुनी रकम कम जाएगी, क्योंकि इंप्लॉयर भी अपना कॉन्ट्रिब्यूशन 2 फीसदी कम ही देगा।

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3 :- सैलरी के साथ-साथ टैक्स भी बढ़ेगा, लेकिन मामूली

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मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर और हेड (एचआर) सुधार धार कहते हैं कि कर्मचारी की इन हैंड सैलरी पीएफ की दर कम होने की वजह से बढ़ जाएगी, लेकिन यह भी ध्यान रखने की बात है कि उन पर लगने वाला टैक्स भी बढ़ेगा। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि टैक्स बहुत अधिक नहीं लगेगा। अगर किसी की इन हैंड सैलरी 50 हजार रुपये है तो वह 2 फीसदी बढ़कर 51 हजार रुपये हो जाएगी। इस तरह पहले उसे 50 हजार के हिसाब से टैक्स देना होता ता, अब उसे 51 हजार के हिसाब से टैक्स देना होगा।



4:- एफडी पर टैक्स कम, हाथ आएंगे अधिक पैसे
मोदी सरकार ने टीडीएस और टीसीएस की दर में भी कटौती कर दी है। यानी की अब टैक्सपेयर्स की जेब में कुछ अतिरिक्त पैसे पहुंचेंगे। इससे सेल्फ इंप्लॉयड, प्रोफेशनल्स और सीनियर सिटीजन्स को फायदा होगा। इसकी दर में 25 फीसदी की कटौती की गई है। इसकी वजह से टैक्सपेयर्स के पास करीब 50 हजार करोड़ की अधिक रकम बचेगी। इसे ऐसे समझिए, अगर किसी सीनियर सिटीजन को एफडी के ब्याज से सालाना 2 लाख रुपए मिलते हैं तो पहले 10 फीसदी की दर से 20 हजार रुपए टीडीएस कटता था, जो अब 25 फीसदी कम यानी 7.5 फीसदी की दर से 15 हजार रुपए ही कटेगा। यानी हर साल 5000 रुपए का फायदा, लेकिन ध्यान रहे कि ये फायदा सिर्फ 3 महीने के लिए मिला है, वो भी कोरोना की वजह से।
5:-आयकर रिटर्न भरने की तारीख भी बढ़ी
कोरोना वायरस की वजह से हर तरफ लॉकडाउन है। इसे देखते हुए मोदी सरकार ने आयकर रिटर्न भरने की तारीख भी बढ़ा दी है। अब आप 30 नवंबर 2020 तक आयकर रिटर्न भर सकते हैं।